Wednesday, February 27, 2019

एक ख़त Students के नाम



   

   

                    Dear


                           Students, 

                        
                                                        यह ख़त उन Students के लिए है, जो जल्द ही अपनी 10th और 12th की Board Exams में बैठने वाले हैं| हम सभी जानते हैं, कि यह समय आप सभी के लिए बड़ा Critical समय है, और Tension भी है| इस समय जितना Tension, Parents लेते हैं, उससे कहीं ज़्यादा बच्चों को देते हैं| Board Exam को इस तरह लेते हैं, जैसे जंग में जाकर लड़ना हो और जीतना उतना ही जरुरी|

       एक ऐसी Exam जो आने वाले सफ़र को शुरू करेगी, एक मुक़ाम तक पहुंचाने के लिए। बहुत सारी उम्मीदें जो आपके Parents, Teacher और आप से Connected लोगों को रहेगी। अच्छे Marks आपको बहुत सारे लोगों की उम्मीदों पर खरा उतारेंगे, ये Marks आपकी Life के सफ़र को जीवन भर आसान बना देंगे, क्योंकि हर Parent का सपना होता है, कि हमारा बच्चा ऊँचाइयाँ छुए। ऐसा तो आप भी चाहते हो..

      मगर ये एक सफ़र है, मंज़िल नहीं....
      पर क्या Tension लेने से आपके Marks बढते हैं? अगर ऐसा है, तो आप सभी Tension ज़रूर लीजिये|

      Students एक बात हमेशा याद रखना कि, ये 10th और 12th के Result के Marks आपकी Life को Judge नहीं करेंगे, ये 70%, 80%, 90%, आपकी Life के सामने बड़ी ही छोटी चीज़ है| हाँ यह ज़रूर है, कि यह आपकी Life में आगे बढ़ने की एक सीढ़ी है, पर “मात्र सीढ़ी” है| Life यहीं से शुरू होती है, समझदार बनने की, भगवान हर इंसान में एक खूबी देता है, उसी को पहचानना है, ग़लतियां करना है, मगर गलतियों से सीखना भी है, फिर सफलता ज़रूर मिलेगी|

      इस Marks वाली दौड़ में कुछ Number कम आ भी गए तो क्या आप दौड़ना बंद कर दोगे? नहीं ना...

      Degree Puppet Show की तरह होती है”, और कुछ Number कम आने पर आपके Future पर कोई Effect नहीं आने वाला, आपके Parents आपको आपकी Exam से भी ज़्यादा चाहते हैं| आप सभी अपनी और उनकी Life के Hero हो, यह Life की बहुत छोटी सी Exams है, “यह तो Life की शुरुआत है, जहाँ से होकर अब आपको अपने और अपने Parents के सपनों को पूरा करना है, यह आपकी Life का सबसे खूबसूरत दौर है, जहाँ आपके Life Lessons ये Exams नहीं सिखा सकती, आपको अपने आप से सीखना होगा, अपनी जिंदगी में एक अच्छा इंसान बनकर, पूरी दुनिया आपका इंतजार कर रही है बाहें खोले....

       “कल को नहीं, आज को सुनहरा करो, कल खुद-ब-खुद सुनहरा हो जाएगा|”

        मैं आपका Tension तो दूर नहीं कर सकती, पर आपकी Life में सब कुछ अच्छा हो, हमेशा ऐसी कामना तो  कर ही सकती हूँ| Writer होने के नाते Students को प्रोत्साहित करना मैने अपना फर्ज समझा और मेरी कलम चल पड़ी|

        आप सभी अपनी-अपनी Exams में अपनी उम्मीदों से ज्यादा खरे उतरेंगे, मुझे इंतजार है, कि आप सभी जल्द ही एक नई कहानी शुरु करेंगे, जैसे मैने शुरू की “साही और सुधीर” के साथ, जो जल्द ही आपके सामने होगी|


      Good Luck
    Author Of “Saahi and Sudhir”
    (coming soon)
    YOGITA WARDE 

Wednesday, February 13, 2019

एक ख़त प्यार के नाम

       



              एक ख़त प्यार के नाम 



मेरी प्यारी प्रिया,

               तुम कैसी हो? “अच्छी ही होगी।”
         आज "14 February" है। आज का दिन प्यार करने वालों का दिन है। तुम्हें पता है, इसी दिन गुलाब का फूल भी 5रु. से 20रु. हो जाता है।

        तुम्हें शिकायत होगी ना मुझसे कि मैं साल भर में इसी दिन चिट्ठी क्यों लिखता हूँ, क्योंकि मैं साल भर इसी दिन का इंतज़ार करता हूँ, इस सुहाने मौसम की बात ही कुछ और है, ये दिन ना साल के सबसे ख़ूबसूरत दिनों मैं आता है। “चहचहाती ठंड की सिहरन के बीच थोड़ी-थोड़ी गर्मी का एहसास, एक अलग ही माहौल लिए हुए सुबह का होना। ठंडी मीठी हवाएं जो सुकून दिए बिना नहीं जाती। आसमान में बादलों से चित्रों का बनना, बड़ा मोहक लगता
है।”

        मैं साल भर तुम्हारे प्यार के क़िस्से अपनी मुट्ठी में जमा करता हूँ, और इसी दिन तुम्हें इस ख़त में लिख दिया करता हूँ।

        तुम्हें गए हुए आज 20 साल हो गये है, पर मेरे लिए 20 सदियों की तरह रहे ये दिन।अब मुझसे अकेले खाना भी नहीं बनता, रोटियां बनाते समय मेरे हाथ भी जल जाते हैं।तुम्हारे हाथों का स्वाद कहाँ से लाऊँ। वैसे तो में तुम्हें बताना नहीं चाहता था, पर बता रहा हूँ, “मेरा आखरी दांत भी टूट गया है, यह पढ़कर तुम हंसना मत।” और हां लगता है, मेरे चश्मे का नम्बर भी कुछ बढ़ गया है, कुछ कम दिखने लगा है अब।

प्रिया तुम मुझे जल्दी छोड़ कर चली गई, क्यों किया तुमने ऐसा? जब में तुम्हारी ज़ुल्फ़ों से खेला करता था, तब तुम कहा करती थी “तुम ना मेरे बालों से दूर रहो नहीं तो मैं तुम्हें छोड़कर चली जाऊँगी, जब-जब तुमने कहा कि तुम मुझे छोड़कर चली जाओगी, तब तब मेने वो काम कभी नहीं किया, फिर तुमने मुझे क्यों सज़ा दी; “अकेले रहने की।”

प्रिया तुम्हें गुलाब हमेशा से पसंद थे, तुम जब रूठ जाया करती थी, तब मैं तुम्हारे लिए गुलाब के फूल लाया करता था, फिर “तुम मुझे माफ़ अपने होंठों से मेरे गालों को छूकर करती थी।”

प्रिया में भगवान से यही प्रार्थना करता हूँ, कि मुझे जल्दी से तुमसे मिलवा दे पर वो भी हमारे प्यार का इम्तिहान ले रहा है, पर अब समय जल्दी आएगा हमारे मिलने का, मैं तुम पर बहुत ग़ुस्सा करूँगा और सज़ा भी दूँगा।

प्यार कभी ऐसे तो नहीं किया जाता, जैसे “सुबह शुरू हुआ गुलाब के फूल के साथ और शाम को उसके मुरझाने तक ख़त्म भी, प्यार एक दिन का मोहताज भी नहीं होता ना ही उपहारों का, प्यार ता-उम्र का बंधन है, जो जन्मों-जन्मों तक साथ निभाने के लिए, साथ रहने के लिए होता है। प्यार में त्याग, सच्चाई, भरोसे कि नींव को रखना होगा, जिसकी मज़बूती उम्र भर रहे।”


तुम्हारी याद में तुम्हारा
     प्रीतम




Pal tum thehar Jao

धागे का हक़दार

                   धागे का हक़दार    पेड़ सरसरा रहे थे , कलकल बहती हुई नदी के साथ हवाएँ भी अपना रस घोल रही थी। वहीं नदी...